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Joshimath
Joshimath

Joshimath

Joshimath उत्तराखंड के चमोली जिले मे स्तिथ एक शहर है जिसकी ऊंचाई लगभग 6150 फ़ीट है। Joshimath को ज्योतिमठ के नाम से भी जानते है ,यह स्थान कई ट्रेकिंग ट्रेल्स के लिए ओर Badrinath,और kedarnath के लिए प्रवेश द्वार का कार्य करता है। सर्दियों के दौरान बद्रीनाथ मंदिर की मूर्ति को बद्रीनाथ से जोशीमठ स्थानांतरित कर दिया जाता है।

Places to visit in Joshimath

1.Ghangaria

Ghangaria joshimath

यह स्थान पुष्पावती नदी और हेमगंगा नदी के संगम पर और हिमालय की गोद मे बसा हुआ एक बेहद ही खूबसूरत गावँ है। जो कि पर्यटकों ओर तीर्थयात्रियों के लिए Valley of flowers के ट्रेक का starting point का काम करता है। यह जगह एक दम ही शांत शहरों की भीड़भाड़ से दूर बसा हुआ स्थान है,यहां आकर आपका मन एकदम शांत हो जाता है,क्योंकि आप प्रक्रति से चारों तरफ से घिरे हुए होते हो। यह स्थान 3,050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। घांघरिया सर्दियों के दौरान बर्फ की मोटी चादर से ढका रहता है और दिसंबर-अप्रैल के बीच बंद रहता है।

2.Narsingh temple,Joshimath

joshimath

यह मंदिर Joshimath का एक लोकप्रिय मंदिर है, मंदिर के देवता आधे शेर और आधे आदमी के रूप में भगवान विष्णु (नरसिंह अवतार) के चौथे अवतार हैं। ओर यह वह मंदिर है जहां पर सर्दियों के दौरान बद्रीनाथ मंदिर की मूर्ति को यही पर स्थानांतरित किया जाता है।इसलिए इस मंदिर को भगवान बद्री का सीतकालीन बिश्राम ग्रह भी कहते है।

3.Ropeway,Joshimath

Ropeway joshimath

यह Joshimath शहर का प्रमुख आकर्षण है। गुलमर्ग के बाद एशिया में सबसे ऊंचा और सबसे लंबा रोपवे, औली केबल कार 4 किलोमीटर की दूरी तय करती है,और समुद्र तल से 3010 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसे गोंडोला भी कहा जाता है। यदि आप को ऊंचाई से डर लगता है तो इस पर राइड न करें ।क्योंकि इसकी ऊंचाई बहुत ज्यादा है और यदि आपको adventure पसंद है तो फिर आप ये जरूर try करें,आपको एक अलग ही अनुभग मिलेगा हिमालय के राजसी पहाड़ों के सुंदर द्रश्य आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे।

4.Kalpavriksha

joshimath


कल्पवृक्ष उत्तराखंड के Joshimath में स्थित एक पवित्र वृक्ष है। लगभग 1200 वर्ष पुराना माना जाता है, हिंदू शास्त्रों के अनुसार भगवान शंकराचार्य ने इसी पेड़ के नीचे भगवान शिव की पूजा की थी। भगवान शिव को समर्पित ज्योतेश्वर महादेव मंदिर इसी पेड़ के नीचे बना है।यह एक सहतूत का पेड़ है माना जाता है कि यह पेड़ साल भर सदाबहार रहता है और इसकी एक भी पत्ती नही टूटती।

और ऐसा माना जाता है कि यह पेड़ अपने सभी भक्तों की इच्छाओं को पूरा करता है। भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर 21.5 मीटर की परिधि के भीतर, पेड़ के ठीक नीचे बनाया गया है। यह पेड़ काफी रहस्यमय है आपको इसको एक बार जरूर देखना चाहिए।

5.Govind ghaat

joshimath

बद्रीनाथ के रास्ते में गोविंदघाट नाम का एक खूबसूरत शहर 1800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। हेमकुंड साहिब और Valley of flowers तक जाने के लिए यह स्थान प्रवेश द्वार का काम करता है ।यह स्थान बहुत ही खूबसूरत है जिसे देखने के लिए हर बर्ष लाखों पर्यटक आते है।यदि आप भी joshimath की ट्रिप प्लान कर रहे है तो आप यहां पर जरूर आये।

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