Journeys🧑‍🦯 Explorations🪂 and Adventures🧗
Dharamshala
Dharamshala

Dharamshala

Dharamshala शहर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा शहर से 18 किमी दूर स्थित है। यह शहर बहुत ही खूबसूरत है ,इसे हम हिमाचल प्रदेश की दूसरी राजधानी के रूप से भी जानते है । यह शहर पूरी तरह से देवदार के जंगलों से घिरा हुआ है,Dharamshala शहर अपने क्रिकेट स्टेडियम के लिए बहुत Famous है।

Mcleodganj शहर जो कि ऊपरी हिस्से मैं बसा हुआ है वो भी बहुत प्रसिद्ध है लगभाग सभी पर्यटक जो Dharamshala आते है वो यहां जरूर जाते है।यह शहर कई वर्षों से ध्यान और शांति का केंद्र रहा है।

Places to visit in Dharamshala

1.Cricket stadium, Dharamshala

Cricket stadium Dharamshala

Dharamshala का क्रिकेट स्टेडियम बहुत ही मसहूर है। ये एक बेहद ऊंचाई पर बना हुआ क्रिकेट स्टेडियम है जिसकी ऊंचाई 1457 मीटर है ,जिसे लोग हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम के रूप मे भी जानते है, ये स्टेडियम पर्यटकों के लिए खुला रहता है, इसमे लगभाग 23000 लोगों के बैठने की सुविधा है। और इस क्रिकेट स्टेडियम में कई राष्ट्रीय और कई अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जा चुके है।

2.St. John in the Wilderness Church

St. John in the Wilderness Church Dharamahala

Dharamshala का यह चर्च बहुत ही लोकप्रिय है जो कि 1852 मैं बना था । ये चर्च बहुत ही खूबसूरत है क्योंकि यह देवदार के घने जंगल के बीच मैं बना हुआ है , यहां आकर आपको एक अलग ही शांति का अनुभव होगा। ये इमारत Dharamshala की सबसे पुरानी इमारत मैं से है। St. John in the Wilderness Church की दूसरी छबि आपको नैनीताल मैं भी देखने को मिलती है । अगर आप Dharamshala आ रहे है तो ये location आपकी लिस्ट मैं जरूर होनी चाहिए।

3.Library of Tibetan Works and Archives

Library Dharamshala

Dharamshala मैं स्तिथ यह एक तिब्बती लाइब्रेरी है।जिसकी स्थापना 11 जून 1970 को 14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो ने की थी। इसमें 80,000 से अधिक पांडुलिपियां, पुस्तकें और दस्तावेज हैं; 600 से अधिक थांगका , मूर्तियाँ और बौद्ध विरासत की अन्य कलाकृतियाँ; 10,000 तस्वीरें; और कई अन्य सामग्री मौजूद है। जिसे देखने के लिए पर्यटक आते है और यहाँ एक अलग ही शांति का अनुभव पाते है।

4.Gyuto Monastery, Dharamshala

Dharamshala

Dharamshala मैं स्तिथ ग्युतो मठ एक बेहद ही खूबसूरत मठ है जो कि चारों ओर से बर्फ के पहाड़ों से घिरा हुआ है यह मठ 1959 मैं काले जादू की परंपरा को बढ़ाबा देने के लिए स्थापित किया गया था । ये काला जादू लोगो के भले के लिए उपयोग किया जाएगा इस मठ ने यही बताने की कोशिश की है , यहां से आपको धौलाधार पर्बत ओर व्यास नदी का एक खूबसूरत दृश्य देखने को मिलता है । बहुत से पर्यटक बौद्ध धर्म को जाने और शांति पाने के लिए यहां आते है। ओर ये मठ Dharamshala के प्रमुख आकर्षण मैं से एक है।

5.Triund

त्रिउंड धौलाधार पर्बतों की गोद मे बसा हुआ है। ये एक बहुत ही लोकप्रिय ट्रेक है जिसकी ऊंचाई लगभाग 2828 मीटर है,यहां के नजारे भी बहुत ही खूबसूरत क्योंकि आपको एक तरफ धौलाधार पहाड़ ओर दूसरी तरफ आपको कांगड़ा घाटी देखने को मिलती है ,ये ट्रेक छोटा और आसान भी है ,अगर आप Dharamshala आ रहे है तो आपको ये ट्रेक जरूर करना चाहिए क्योंकि ये लाइफटाइम याद रहने वाली जगह है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.