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Champawat
Champawat

Champawat

Champawat उत्तराखंड के Champawat जिले का एक शहर है। इस शहर का ऐतिहासिक,ओर धार्मिक महत्व बहुत हैं,माना जाता है कि महाभारत के युद्ध में मरने के बाद घटोत्कच्छ ( भीम और राक्षसी हिडिम्बी का पुत्र) का सिर यहां गिरा था। यह शहर समुद्र तल से लगभग 1615 मीटर की ऊँचाई पर स्तिथ है,

इस शहर का इतिहास बहुत दिलचस्प है एक आदमखोर बाघिन थी Champawat Tiger उसने 400 से अदिख लोगों को मार डाला था उस के नाम पर ही इस शहर का नाम पड़ा । सन 1907 मैं Famous शिकारी Jim corbet ने इस टाइगर का शिकार किया ।

Places to visit in Champawat

1.Nagnath Temple,Champawat

नागनाथ मंदिर champawat का एक बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है,जो कि भगवान शिव को समर्पित है , इस मंदिर को बहुत ही पवित्र माना जाता है , ओर इसे देखने लोग दूर दूर से यहां आते है। इस मंदिर का निर्माण गुरु गोरखनाथ ऋषि ने करवाया था ,यहां आप आसानी से पहुँच सकते है ,निकटतम रेलवे स्टेशन टनकपुर है। ये मंदिर दो मंज़िल का है जिसमे आप लकड़ी की नक्कासी देख सकते है।

2.Baleshwar Temple,Champawat

Baleshwar temple Champawat

Champawat के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है जो कि भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर को चंद शासकों ने 10वी और 12वी शाताब्दी के बीच मैं बनबाया था, इस मंदिर मे आपको पत्थरों की बहुत ही अच्छी नक्कासी देखने को मिलेगी।

3.Gwal Devta, Champawat

gwal devta champawat

ग्वाल देवता, जिसे अधिक लोकप्रिय रूप से गोल देवता या गोरिल देवता के रूप में जाना जाता है,और इसे कुमाऊँ मैं सबसे सम्मानित स्थानीय देवता माना जाता है, यह मंदिर champawat शहर मे स्थित है। भगवान का आसीर्बाद लेने यहां बड़ी संखया मैं भक्त आते है।

4.Vanasur Ka Kila

vanasur ka kila

कहा जाता है कि इस क्षेत्र की एकमात्र संरचना मध्यकाल में बनाई गई थी, बाणासुर का किला Champawat से लगभग 20 किमी और लोहाघाट से लगभग 7 किमी दूर है। इस जगह के बारे में क्या दिलचस्प है, और ग्वाल देवता मंदिर के समान, यह एक ऐसा स्थान है जहां आप इसकी वास्तविक भौतिक उपस्थिति के बजाय इसकी विरासत के लिए जाते हैं। वनासुर का किला पौराणिक कथाओं के प्रेमियों के लिए जरूरी है। इसे राक्षस वनासुर की राजधानी माना जाता है, जिसने भगवान कृष्ण के हाथों अपनी हार का सामना किया था।

वाणासुर के किले तक पहुँचने के लिए, आपको लोहाघाट की यात्रा करनी होगी ,लोहाघाट से लगभग 7 किमी दूर स्तिथ यह मध्यकालीन युग का यह किला पौराणिक राजा बाली के हजार-सशस्त्र पुत्र बाणासुर की याद में बनाया गया था , इस किले से हिमालय की चोटिया का दृश्य तो देखने योग्य होता है

5.Lohaghat

lohaghat

लोहाघाट उत्तराखंड राज्य के Champawat जिले में स्थित एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। एबट माउंट से 5 किमी दूर, यह प्राचीन शहर मंदिरों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है और इसके ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व के कारण पर्यटकों की भीड़ यहां लगी रहती है ।यह  छोटा शहर भगवान शिव को समर्पित है। Lohaghat ,लोहावती नदी के तट पर और 1800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। शांत जलवायु, देवदार और ओक के पेड़ और हरी-भरी हरियाली लोगों को इस उत्तम स्थान की ओर आकर्षित करती है।

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